दुआ ए क़ुनूत हिंदी भाषा में तर्जुमाः Dua e Qunoot हिंदी Urdu

दुआ ए क़ुनूत हिंदी भाषा में  

Dua e Qunoot हिंदी Language के जरिये आप तक पहुँचाने की कोशिस किये है ताकि आप इस दुआ को पढ़ सकें और इसे अच्छे से याद कर सकें कियों की यह दुआ वित्र के नमाज़ में पढ़ा जाने वाला दुआ है आपलोग इस दुआ को बहुत से web पर सर्च किये होंगे और आपको मुकम्मल इस दुआ के बारे में जानकारी नहीं मिली होगी तो बस आज आपका सर्च यहाँ आकर ख़तम होता है हम आपको यहाँ हिंदी अरबि के भाषा में इस दुआ को provides करवा रहे हैं|


दोस्तों कोई भी दुआ या सूरह अरबी language में ही पढ़ना अफजल माना जाता है क्योंकि हिंदी या फिर English भाषा में जेर जबर नुक्ता का थोड़ा बहुत इधर उधर हो जाता है जो की होना नहीं चाहिए लेकिन हमने फिर भी इस बात का काफी ज्यादा ध्यान रखा है और आपके लिए यह दुआ को लेकर आये है|

दुआ ए क़ुनूत हिंदी भाषा में तर्जुमाः Dua e Qunoot हिंदी Urdu

Dua e qunoot in Hindi & Urdu Arabi

अल्लाहुम-म इन्ना नस्तईनु-क व नस्तग्फिरु-क व नुउ मिनु बि-क व न-त-वक्कलु अलै-क व नुस्नी अलैकल खै-र व नश्कुरू-क व ला नक्फुरू-क व नख्लउ व नतरूकु मंय्यफजुरू-क. अल्लाहुम-म इय्या-क नअबुदु व ल-क नुसल्ली व नस्जुदु व इलै-क नसआ व नहि्फदु व नर्जू रहम-त-क व नख्शा अजा-ब-क इन-न आजा-ब-क बिल कुफ्फारि मुलहिक. 

اَللَّهُمَّ إنا نَسْتَعِينُكَ وَنَسْتَغْفِرُكَ وَنُؤْمِنُ بِكَ وَنَتَوَكَّلُ عَلَيْكَ وَنُثْنِئْ عَلَيْكَ الخَيْرَ وَنَشْكُرُكَ وَلَا نَكْفُرُكَ وَنَخْلَعُ وَنَتْرُكُ مَنْ ئَّفْجُرُكَ اَللَّهُمَّ إِيَّاكَ نَعْلِّبُدُ وَلَكَ نُصَئ وَنَسْجُدُ وَإِلَيْكَ نَسْعأئ وَنَحْفِدُ وَنَرْجُو. رَحْمَتَكَ وَنَخْشآئ عَذَابَكَ إِنَّ عَذَابَكَ بِالكُفَّارِ مُلْحَقٌ

दुआ ए क़ुनूत का तर्जुमाः हिंदी में

आप के लिए सिर्फ इस दुआ को याद करना या पढ़ना काफी नहीं रहेगा इस दुआ को याद करने के साथ साथ इसके तर्जुमा को भी जानना समझना बहुत जरुरी इस लिए आपके लिए हम हिंदी में दुआ क़ुनूत का तर्जुमा को लेकर आये है आप इस तर्जुमे पर भी जरूर तवज्जो दे|

तर्जुमा – ऐ अल्लाह, हम तुझ से मदद चाहते हैं और तूझ से माफी भी मांगते हैं तुझ पर ईमान रखते हैं और तुझ पर भरोसा रखते हैं और तेरी बहुत अच्छी तारीफ करते हैं और तेरा शुक्र अदा करते हैं और तेरी ना सुकरी नहीं करते और अलग करते हैं और छोड़ते हैं, इस शख्स को जो तेरी नाफरमानी करें.

ऐ अल्लाह, हम तेरी ही इबादत करते हैं और तेरे लिए ही नमाज़ पढ़ते हैं और सजदा करते हैं और तेरी तरफ दौड़ते और दौड़ते हैं और हाजिर होते है खिदमत के लिए हम तेरी रहमत के उम्मीदवार हैं और तेरे आजाब़ से डरते हैं, बेशक तेरा आजाब़ काफिरों को मिलने वाला है.

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