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2 Shawwal | Sirf Paanch minute ka madrasha

 

Shawwal आख़िरत के बारे में
जन्नत की नेअमतें

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है:
“(मुकर्रब बन्दों के लिए जन्नत में) ऐसे मेवे होंगे, जिनको वह पसंद करेंगे और परिंदों का ऐसा गोश्त होगा, जिसकी वह ख्वाहिश करेगा और उनके लिए बड़ी बड़ी आँखों वाली हूरें होंगी, जैसे हिफाजत से रखा हुआ पोशीदा मोती हो। यह सब उन के आमाल का बदला होगा और वहाँ कभी वह बेहूदा और बुरी बात नहीं सूनेंगे, हर तरफ़ से सलाम ही सलाम की आवाज़ आएगी।”
📕 सूरह वाकिआ:२० ता २६

Shawwal आख़िरत के बारे में

जन्नत की नेअमतें
कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है:
“(मुकर्रब बन्दों के लिए जन्नत में) ऐसे मेवे होंगे, जिनको वह पसंद करेंगे और परिंदों का ऐसा गोश्त होगा, जिसकी वह ख्वाहिश करेगा और उनके लिए बड़ी बड़ी आँखों वाली हूरें होंगी, जैसे हिफाजत से रखा हुआ पोशीदा मोती हो। यह सब उन के आमाल का बदला होगा और वहाँ कभी वह बेहूदा और बुरी बात नहीं सूनेंगे, हर तरफ़ से सलाम ही सलाम की आवाज़ आएगी।”
📕 सूरह वाकिआ:२० ता २६

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