Noha Bibi Sakina 2021 | Yateem Hona Bhi Baba Badi Qayamat Hai | Ali Akbar Ameen | Shahadat E Sakina
Noha Bibi Sakina 2021 | Yateem Hona Bhi Baba Badi Qayamat Hai | Ali Akbar Ameen Nohay 2021 | Shahadat E Bibi Sakina | 13 Safar Noha 2021 New Noha 2021 on the Martyrdom of Sakina Bintul Hussain (as)
Title - Yateem Hona Bhi Baba Badi Qayamat Hai Noha 2021
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Reciter - Ali Akbar Ameen
Poetry & Composition - Waiz Sultanpuri
Audio - ODS
Chorus - Khan Brothers
Edit - Azmat Hyder
Video - @Azadari Chitora
Album - Muharram 1443/2021
Yateem Hona Bhi Baba Badi Qayamat Hai Lyrics
सकीना कहती थी बाबा के मुँह पे मुँह रखकर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
बिछड़ के आप से खाती हूँ दरबदर ठोकर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
अब आ गए हो तो सुन लो मेरे बयाँ बाबा
ये देख लो मेरे गालों पे हैं निशां बाबा
तमाचे मारे हैं शिम्रे लईं ने कस कस कर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
करीब आती थी जिस दम तो चैन पाती थी
मुझे तो आप के सीने पे नींद आती थी
हुए हो जब से जुदा सो सकी ना मैं पल भर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
असीर होके जो कर्बोबला से हम निकले
सदा ये दिल से निकलती थी जल्द दम निकले
बहोत कठिन वो सफर था खुले थे सबके सर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
थे जिसमें बारा गले उस रसन में मैं भी थी
मैं अपनी एड़ियाँ हरदम उठाए रहती थी
मैं सबसे छोटी थी चलती थी अपने पंजों पर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
अय बाबा शिम्र की उंगली में जो अंगूठी थी
वो जिस घड़ी मेरे चेहरे पे आके पड़ती थी
मैं देख लेती थी उस वक़्त मौत का मंजर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
कभी न भूलूँगी बाबा मैं शाम का बाज़ार
ये चार का साल का सिन और वो पत्थरों के वार
बंधे थे हाथ बचाती मैं कैसे अपना सर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
बस एक बार मेरे कान देख लो बाबा
ये जान जाओगे बच्ची पे क्या सितम टूटा
लवें भी फट गईं छीने गए हैं यूँ गौहर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
कलेजा कांपने लगता था उस घड़ी मेरा
जब आके शिम्र मुझे बदनसीब कहता था
बिलख के रोती थी उस दम मैं अपनी गुरबत पर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
बहोत हुआ है यतीमी का उस घड़ी सदमा
मुझे क़नीज़ी में ज़ालिम ने जिस घड़ी मांगा
बहोत डरी थी मैं दरबार-ए-शाम के अंदर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
सितम जो मुझपे हुए हैं बता नहीं सकती
मैं सब के सब तुम्हे बाबा गिना नहीं सकती
बिठा दिया है लईनों ने दिल में ऐसा डर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
अए बाबा बेटी से अब आप दूर न जाना
अगर ज़रूरी है जाना मुझे भी ले जाना
मैं थक चुकी हूं यतीमी का बोझ है सरपर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है
सरे हुसैन भी लिपटा था अपनी बच्ची से
पदर की आंखों से वाएज़ लहू के धारे थे
ये कहते कहते सकीना गुज़र अकबर
यतीम होना भी बाबा बड़ी क़यामत है